आपको बता दें कि थाना नकुड़ इलाके के गांव साहबा माजरा निवासी धीर सिंह पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत एक सड़क का निर्माण कराया था। ठेकेदार धीर सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद उन्हें भुगतान को लेकर परेशानी हो रही थी। आरोप है कि जेई द्वारा बिल गलत बनाया गया था। बिल ठीक करवाने के लिए धीर सिंह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। लेकिन आरोपी जेई नीरज कुमार ठेकेदार से बिल ठीक करने के नाम पर पैसे मांग रहा था।
पीड़ित ठेकेदार धीर सिंह ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने 15 दिनों तक लगातार निगरानी की। एंटी करप्शन टीम लगातार कार्यालय से जानकारी जुटा रही थी। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। योजना के अनुसार ठेकेदार धीर सिंह ने आरोपी मिलने के लिए जेई नीरज को फ़ोन किया। जिसके बाद आरोपी नीरज ने उसे देहरादून रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में बुलाया। ठेकेदार कार्यालय पहुँचा और उन्होंने बर्तौर रिश्वत आरोपी जेई को 50,000 रुपये दिए। हैरत की बात तो ये है कि पैसे कम ना हो जेई साहब ने पचास हजार रूपये की गड्डी गिनना शुरू कर दिया। जेई साहब रिश्वत के पैसे गिन ही रहे थे कि एंटी करप्शन टीम ने घेराबंदी कर आरोपी जेई को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
एंटी करप्शन प्रभारी जशपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित धीर सिंह की ओर से शिकायत मिली थी कि एक जेई बिल ठीक करने के नाम पर रिश्वत मांग रहा है। पीड़ित की शिकायत पर आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई गई। मंगलवार को योजना के तहत पीड़ित को कैमिकल लगे 50 हजार देकर जेई के पास भेज दिया। जहां जेई ने 50 हजार रूपये ले लिये। पीछे से एंटी करप्शन टीम पहुंच गई और जेई नीरज को रिश्वत के पैसो के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जेई को गाड़ी में बैठ कर सदर बाज़ार थाने ले आई। वहाँ, जेई का हाथ पानी में डुबोया गया, जिससे उसका रंग बदल गया। फ़िलहाल, आरोपी जेई के ख़िलाफ़ सदर बाज़ार थाने में मामला दर्ज किया जा रहा है। वह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत काम का बिल ठीक करने के नाम पर एक ठेकेदार से पैसे मांग रहा था।

